रामबनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2008
अशोक कुमार (INC) ने 2008 के विधान सभा चुनाव में 43.5% वोट पाकर रामबन सीट जीती और बली भगत (BJP) को 10,319 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 55 रामनगर थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 55 बनिहाल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अशोक कुमार 20.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अशोक कुमार UPA | UPA | 21,77943.5% |
| 2 | बली भगत NDA | NDA | 11,46022.9% |
| 3 | चमन लाल | 11,39522.8% | |
| 4 | नीलम कुमार | 1,2032.4% | |
| 5 | शकील सिंह | 8511.7% | |
| 6 | अमृत वर्षा | 7831.6% | |
| 7 | बोध राज UPA | UPA | 4931.0% |
| 8 | बाबू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4230.8% |
| 9 | अमित कुमार | 3880.8% | |
| 10 | काका राम BHBP | BHBP | 3790.8% |
| 11 | फूल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3420.7% |
| 12 | हुकम चन्द NDA | NDA | 3300.7% |
| 13 | सुरम चन्द JKANC | JKANC | 2710.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रामबन से कौन जीता, 1996–2014
INC ने यह सीट JKN से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1996 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 2002 के 57.7% से बढ़कर 65.6% हो गया। इसके बाद 2014 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।