गुलमर्गविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2008
गु. हसन मीर (JKDPN) ने 2008 के विधान सभा चुनाव में 36.8% वोट पाकर गुलमर्ग सीट जीती और शेख मुस्तफा कमल (JKN) को 6,441 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 14 कंगन थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 14 सोनावरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
15 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गु. हसन मीर JKDPN | JKDPN | 18,25336.8% |
| 2 | शेख मुस्तफा कमल | 11,81223.8% | |
| 3 | गु. मोही उद दीन शेख | 8,85417.9% | |
| 4 | मोहम्मद मकबूल मलिक | 1,9744.0% | |
| 5 | अब्दुल आहाद मलिक SDP | SDP | 1,3222.7% |
| 6 | इरशादा अख्तर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2192.5% |
| 7 | मोहम्मद शफी भट्ट | 1,0372.1% | |
| 8 | नजीर अहमद मीर NDA | NDA | 9982.0% |
| 9 | अब्दुल हमीद मलिक NDA | NDA | 8191.6% |
| 10 | सैयद नूर उल अमीन JKANC | JKANC | 7661.5% |
| 11 | गु. रसूल मलिक | 7491.5% | |
| 12 | तेज कृष्ण धर निर्दलीय | निर्दलीय | 5561.1% |
| 13 | शफ़ीक़ अहमद जोगल नाज़ UPA | UPA | 4550.9% |
| 14 | मोहम्मद अकरम मीर निर्दलीय | निर्दलीय | 4060.8% |
| 15 | बशीर अहमद शाह | 3720.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गुलमर्ग से कौन जीता, 1996–2014
JKDPN ने यह सीट JKPDP से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1996 से शुरू होता है, यह JKDPN की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 2002 के 50.4% से बढ़कर 59.8% हो गया। इसके बाद 2014 के चुनाव में यह सीट JKPDP ने जीती।