बसोहलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2008
जगदीश राज सपोलिया (BJP) ने 2008 के विधान सभा चुनाव में 35.3% वोट पाकर बसोहली सीट जीती और दविंदर सिंह (JKN) को 2,881 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 64 मढ़ थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 64 बिलावर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगदीश राज सपोलिया NDA | NDA | 16,65135.3% |
| 2 | दविंदर सिंह | 13,77029.1% | |
| 3 | कान्ता अंदोत्रा UPA | UPA | 13,67829.0% |
| 4 | करपाल सिंह | 9692.0% | |
| 5 | रमेश चन्द्र | 6921.5% | |
| 6 | विनोद कुमार NDA | NDA | 6251.3% |
| 7 | अंग्रज़ो राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3500.7% |
| 8 | सूरज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3160.7% |
| 9 | रमेश कुमार NDA | NDA | 1840.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.14 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बसोहली से कौन जीता, 1996–2014
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1996 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 2002 के 63.1% से बढ़कर 69.8% हो गया। इसके बाद 2014 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।