राजपोराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2008
सैयद बशीर अहमद शाह (JKPDP) ने 2008 के विधान सभा चुनाव में 25.1% वोट पाकर राजपोरा सीट जीती और गुलाम मोही-उद-दीन मीर (निर्दलीय) को 947 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 34 देवसर थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 34 पुलवामा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सैयद बशीर अहमद शाह 2.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सैयद बशीर अहमद शाह | 10,17725.1% | |
| 2 | गुलाम मोही-उद-दीन मीर निर्दलीय | निर्दलीय | 9,23022.8% |
| 3 | गु. नबी वानी | 7,22217.8% | |
| 4 | अब्दुल गणी दार UPA | UPA | 4,37110.8% |
| 5 | फारूक जान पर्रा JKDPN | JKDPN | 1,3003.2% |
| 6 | सज्जाद अहमद दार JKANC | JKANC | 1,1862.9% |
| 7 | फयाज अहमद दार | 1,0702.6% | |
| 8 | मीर गुलाम नबी पटेल SDP | SDP | 9752.4% |
| 9 | मोहम्मद रमजान खांडे | 8902.2% | |
| 10 | शमीम अहमद शेख PDF | PDF | 8532.1% |
| 11 | इरशाद अहमद वागे NDA | NDA | 8402.1% |
| 12 | गुलाम नबी इटू | 6921.7% | |
| 13 | गुलाम मोही-उद-दीन शाह | 5091.3% | |
| 14 | गुलाम नबी खांडे निर्दलीय | निर्दलीय | 3911.0% |
| 15 | अब्दुल सलाम वानी निर्दलीय | निर्दलीय | 2720.7% |
| 16 | मोहम्मद मकबूल वागे NDA | NDA | 1980.5% |
| 17 | सैयद आबिद अहमद शाह | 1910.5% | |
| 18 | संजय कौल निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 66% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.15 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राजपोरा से कौन जीता, 1996–2014
JKPDP ने 2002 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 58.6% से घटकर 25.1% रह गया। मतदान प्रतिशत 2002 के 36.7% से बढ़कर 50.6% हो गया। इसके बाद 2014 के चुनाव में भी JKPDP ने यह सीट अपने पास रखी।