त्रिपुरा 2008 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
CPM: 46 सीटें (76.7%)INC: 10 सीटें (16.7%)RSP: 2 सीटें (3.3%)CPI: 1 सीट (1.7%)INPT: 1 सीट (1.7%)बहुमत के लिए 3160सरकार बनाने के लिए 31
चुनाव की कहानी

भारी जीत और रिकॉर्ड मतदान

क्या हुआ

त्रिपुरा की वाम दलों के नेतृत्व वाली सत्ताधारी पार्टी ने भारी जीत हासिल की और सत्ता में उसका दौर और लंबा हुआ।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) ने 60 में से 46 सीटें जीतीं — बहुमत से काफ़ी ज़्यादा।

इंडियन नेशनल कांग्रेस सिर्फ़ 10 सीटों के साथ बहुत पीछे रही।

माकपा को 48.0% वोट मिले।

क्या बदला

इस चुनाव में राज्य में का नया रिकॉर्ड भी बना।

लगभग 92.3% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला — राज्य के चुनावों में तब तक दर्ज सबसे ऊँचा हिस्सा।

इस दौरान 7 सीटें कांग्रेस से माकपा के पास चली गईं।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला कुलाई, त्रिपुरा में हुआ, जिसका फ़ैसला सिर्फ़ 115 वोटों से हुआ।

रामचंद्रघाट, त्रिपुरा में इसका उलटा हुआ, जहाँ विजेता 33.2% वोट से आगे रहा।

किसी भी सीट पर सबसे ज़्यादा मतदान प्रतिशत खोवाई, त्रिपुरा में दर्ज हुआ, 95.8%।

सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला फटिकराय, त्रिपुरा में था, जहाँ बैलट पर 8 उम्मीदवार थे।

पृष्ठभूमि

यह त्रिपुरा के सत्ताधारी वामपंथी की एक और जीत थी, जो अब बरसों से राज्य का नेतृत्व कर रहा है।

इस चुनाव समेत वह लगातार 7 चुनावों में सबसे आगे रहा है।

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RBI 2024-25

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