त्रिपुरा 1972 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 41 सीटें (68.3%)CPM: 16 सीटें (26.7%)IND: 2 सीटें (3.3%)CPI: 1 सीट (1.7%)बहुमत के लिए 3160सरकार बनाने के लिए 31
  • INC4168.3%
  • CPM1626.7%
  • निर्दलीय23.3%
  • CPI11.7%
चुनाव की कहानी

पूर्ण राज्य के रूप में त्रिपुरा का पहला चुनाव

क्या हुआ

पूर्ण राज्य बनने के बाद त्रिपुरा के पहले चुनाव में कांग्रेस ने सत्ता बरक़रार रखी।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 60 सीटों में से 41 सीटें जीतीं।

इससे वह बहुमत के आँकड़े से 10 सीटें आगे रही।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) 16 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।

क्या बदला

इस चुनाव और पिछले चुनाव के बीच सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गई थीं, इसलिए हर सीट पर हुए बदलाव गिने नहीं जा सकते।

कांग्रेस की अपनी सीटें 27 से बढ़कर 41 हो गईं।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ा मुक़ाबला ईशानचंद्रनगर, त्रिपुरा में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 21 वोट रहा।

सबसे ज़्यादा कल्याणपुर, त्रिपुरा में रहा, 82.9%।

सबसे ज़्यादा मतदाता कुंजबन, त्रिपुरा में थे, जहाँ 20,929 लोग वोट देने के लिए पंजीकृत थे।

सबसे भरा हुआ बैलट देवछड़ा, त्रिपुरा में था, जहाँ 8 उम्मीदवार मैदान में थे।

पृष्ठभूमि

त्रिपुरा के भारत का पूर्ण राज्य बनने के बाद यह पहला चुनाव था।

इस बार विधान सभा भी बड़ी थी: सीटें 30 से बढ़कर 60 हो गईं।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

सभी 60 सीटें