लगभग सभी सीटों पर कांग्रेस की जीत
क्या हुआ
त्रिपुरा के रिकॉर्ड में दर्ज सबसे पुराने विधान सभा चुनाव में कांग्रेस ने लगभग हर सीट जीत ली।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 30 सीटों में से 27 सीटें जीतीं।
यह एकतरफ़ा परिणाम था: बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 11 सीटें ज़्यादा।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) सिर्फ़ 2 सीटें जीत पाई।
क्या बदला
रिकॉर्ड में इससे पहले का कोई चुनाव नहीं है जिससे इसकी तुलना की जाए, इसलिए इस परिणाम को अपने आप में ही देखना होगा।
कांग्रेस बहुमत के 16 सीटों के आँकड़े से 11 सीटें आगे रही।
औसतन हर सीट पर लगभग 2.9 उम्मीदवार मैदान में थे।
उस साल पूरे राज्य में (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) 71.6% रहा।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे कड़ा मुक़ाबला कदमतला, त्रिपुरा में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 34 वोट रहा।
दूसरी ओर, मुहुरीपुर, त्रिपुरा में सबसे एकतरफ़ा मुक़ाबला हुआ, जहाँ विजेता 57.4% वोटों से आगे रहा।
किसी भी सीट पर सबसे ज़्यादा मतदान प्रतिशत कल्याणपुर, त्रिपुरा में रहा, 87.5%।
सबसे भरा हुआ बैलट बिशालगढ़, त्रिपुरा में था, जहाँ 5 उम्मीदवार मैदान में थे।
पृष्ठभूमि
गिने-चुने दल ही कोई सीट जीत पाए, और उस साल कोई भी निर्दलीय उम्मीदवार नहीं जीता।