देवछड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
अब्दुल वाजिद (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 45.0% वोट पाकर देवछड़ा सीट जीती और करुणामय नाथ चौधुरी (निर्दलीय) को 1,529 वोटों से हराया।
1972 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 में कोई सीट नंबर 57 नहीं थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 57 जुबराजनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अब्दुल वाजिद 20.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अब्दुल वाजिद कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 3,39945.0% |
| 2 | करुणामय नाथ चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,87024.7% |
| 3 | सय्यद अब्दुल रशीद वाम दल | वाम दल | 1,01913.5% |
| 4 | शेलेन धर | 7129.4% | |
| 5 | परिंद्र चन्द्र मालाकार निर्दलीय | निर्दलीय | 2563.4% |
| 6 | गोलापजीत राजकुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2373.1% |
| 7 | क्षीरोद नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 400.5% |
| 8 | लाल मोहन सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 260.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.42 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।