सोनीछड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
राधा रमन नाथ (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 33.6% वोट पाकर सोनीछड़ा सीट जीती और अब्दु मोतिन चौधुरी (निर्दलीय) को 1,086 वोटों से हराया।
1972 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 में कोई सीट नंबर 60 नहीं थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 60 कंचनपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राधा रमन नाथ कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 2,63733.6% |
| 2 | अब्दु मोतिन चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,55119.8% |
| 3 | मुक्ता चन्द सिंघा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,33417.0% |
| 4 | पूर्णेंदुजित राजकुमार वाम दल | वाम दल | 1,23815.8% |
| 5 | मंडलाल नामा निर्दलीय | निर्दलीय | 3454.4% |
| 6 | रमणी मोहन नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 3234.1% |
| 7 | अनिल कृष्ण शर्मा | 2923.7% | |
| 8 | सुबोध चन्द्र धर निर्दलीय | निर्दलीय | 1271.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 70% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।