ऋष्यमुखविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2008
बादल चौधुरी (CPM) ने 2008 के विधान सभा चुनाव में 60.2% वोट पाकर ऋष्यमुख सीट जीती और दिलीप चौधुरी (INC) को 7,761 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 38 अम्पीनगर थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 38 जोलाईबाड़ी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बादल चौधुरी 23.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बादल चौधुरी वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 19,61060.2% |
| 2 | दिलीप चौधुरी UPA | UPA | 11,84936.4% |
| 3 | सुदर्शन मजूमदार NDA | NDA | 6301.9% |
| 4 | राजेन्द्र महाजन | 5051.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ऋष्यमुख से कौन जीता, 1977–2008
CPM ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1998 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 66.8% से घटकर 60.2% रह गया। यह 1988 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2003 के 87.3% से बढ़कर 95.2% हो गया।