ऋष्यमुखविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
बादल चौधुरी (CPM) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 66.2% वोट पाकर ऋष्यमुख सीट जीती और दिलीप चौधुरी (INC) को 8,493 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 38 अम्पीनगर थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 38 जोलाईबाड़ी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बादल चौधुरी 35.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बादल चौधुरी वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 15,99966.2% |
| 2 | दिलीप चौधुरी | 7,50631.1% | |
| 3 | जदु गोपाल दत्ता NDA | NDA | 5942.5% |
| 4 | गौरी शंकर नंदी AMB | AMB | 390.2% |
| 5 | समर कुमार दास निर्दलीय | निर्दलीय | 360.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.87 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ऋष्यमुख से कौन जीता, 1977–2008
CPM ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; CPM ने यहाँ पिछली बार 1988 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1993 के 85.1% से बढ़कर 86.8% हो गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।