सिक्किम 1979 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
SJP: 16 सीटें (50.0%)SCR: 11 सीटें (34.4%)SPC: 4 सीटें (12.5%)IND: 1 सीट (3.1%)बहुमत के लिए 1732सरकार बनाने के लिए 17
  • SJP1650.0%
  • SCR1134.4%
  • SPC412.5%
  • निर्दलीय13.1%
चुनाव की कहानी

त्रिशंकु सदन

क्या हुआ

इस विधान सभा चुनाव में विधान सभा बनी।

सिक्किम जनता परिषद सबसे आगे रही, जिसने कुल 32 में से 16 सीटें जीतीं।

इससे वह बहुमत के लिए ज़रूरी 17 सीटों के आँकड़े से थोड़ा पीछे रह गई।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी सिक्किम कांग्रेस (आर) ने 11 सीटें जीतीं।

क्या बदला

सबसे आगे रही पार्टी बहुमत से सिर्फ़ एक सीट दूर रही, लेकिन विधान सभा की बाक़ी सीटें कुछ छोटे दलों और एक निर्दलीय में बँट गईं।

कुल 4 दलों ने सीटें जीतीं, और 1 और सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार को मिली।

फिर भी कोई पार्टी 17 सीटों के बहुमत के आँकड़े तक नहीं पहुँची।

अहम आँकड़े

चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला: रांका, सिक्किम में सिर्फ़ 19 वोट रहा, जो इस चुनाव का सबसे कम अंतर था।

दूसरी ओर, संघ, सिक्किम में मतगणना का सबसे बड़ा जीत का अंतर रहा, जहाँ विजेता 88.4% वोटों से आगे रहा।

पूरे राज्य में लगभग 61.7% पंजीकृत मतदाता वोट डालने आए।

सबसे भरा हुआ बैलट गंगटोक, सिक्किम में था, जहाँ इस सीट के लिए 17 उम्मीदवार मैदान में थे।

पृष्ठभूमि

यह चुनाव भारत के भीतर इस इलाक़े के दर्जे में आए एक बड़े बदलाव के कुछ ही समय बाद हुआ।

सिक्किम कुछ ही समय पहले देश का पूर्ण राज्य बना था।

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RBI 2024-25

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