लूसिंग पाचेखानीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1979
जगत बंधु प्रधान (SCR) ने 1979 के विधान सभा चुनाव में 44.3% वोट पाकर लूसिंग पाचेखानी सीट जीती और बंस बहादुर बस्नेत (SJP) को 555 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 21 नाथांग-माचोंग है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जगत बंधु प्रधान 27.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगत बंधु प्रधान SCR | SCR | 88944.3% |
| 2 | बंस बहादुर बस्नेत SJP | SJP | 33416.6% |
| 3 | रूप राज राय SPC | SPC | 32516.2% |
| 4 | शोभा कान्ति लेपचा जनता | जनता | 1698.4% |
| 5 | भीम बहादुर सुब्बा निर्दलीय | निर्दलीय | 1206.0% |
| 6 | भक्ता बहादुर खुलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 793.9% |
| 7 | नारायण प्रसाद प्रधान | 432.1% | |
| 8 | मोहन गुरुंग निर्दलीय | निर्दलीय | 180.9% |
| 9 | डम्बर कुमारी प्रधान निर्दलीय | निर्दलीय | 170.8% |
| 10 | मंगल सिंह तमांग निर्दलीय | निर्दलीय | 130.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.80 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लूसिंग पाचेखानी से कौन जीता, 1979–2004
इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट SSP ने जीती।