मध्य पेंडाम-पूर्व पेंडामविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1979
भवानी प्रसाद खरेल (SCR) ने 1979 के विधान सभा चुनाव में 37.9% वोट पाकर मध्य पेंडाम-पूर्व पेंडाम सीट जीती और टोगा निधि भंडारी (SJP) को 571 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 17 खामदोंग-सिंगताम है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — भवानी प्रसाद खरेल 16.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भवानी प्रसाद खरेल SCR | SCR | 1,34637.9% |
| 2 | टोगा निधि भंडारी SJP | SJP | 77521.8% |
| 3 | कुन्दन मल्ल सारडा निर्दलीय | निर्दलीय | 65818.6% |
| 4 | रमेश कुमार त्रिवेदी निर्दलीय | निर्दलीय | 2406.8% |
| 5 | दिल्ली प्रसाद ढुंगेल शर्मा जनता | जनता | 1474.1% |
| 6 | हरि प्रसाद छेत्री SPC | SPC | 1323.7% |
| 7 | कहार सिंह कार्की | 882.5% | |
| 8 | धान बहादुर सवा निर्दलीय | निर्दलीय | 611.7% |
| 9 | अनिरुद्ध शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 551.6% |
| 10 | रूथ कर्थक लेप्चानी निर्दलीय | निर्दलीय | 461.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मध्य पेंडाम-पूर्व पेंडाम से कौन जीता, 1979–2004
इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट SSP ने जीती।