सिक्किम 1999 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
SDF: 24 सीटें (75.0%)SSP: 7 सीटें (21.9%)IND: 1 सीट (3.1%)बहुमत के लिए 1732सरकार बनाने के लिए 17
  • SDF2475.0%
  • SSP721.9%
  • निर्दलीय13.1%
चुनाव की कहानी

सिक्किम की सत्ताधारी पार्टी का दूसरा कार्यकाल

क्या हुआ

सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट ने लगातार दूसरा कार्यकाल जीता और राज्य विधान सभा पर अपनी पकड़ आगे बढ़ाई।

एसडीएफ ने राज्य की 32 सीटों में से 24 सीटें जीतीं।

उसने गठबंधन के हिस्से के रूप में सरकार चलाई।

क्या बदला

सत्ता में बैठी पार्टी ने ज़मीन खोने के बजाय अपना बहुमत और बढ़ाया, और पिछले चुनाव के बाद की अपनी स्थिति को आगे बढ़ाया।

उसकी सीटें 19 से 24 हो गईं।

लगभग 80.2% पंजीकृत मतदाता वोट डालने आए, जो तब तक राज्य का रिकॉर्ड था।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ा मुक़ाबला: लूसिंग पाचेखानी, सिक्किम का फ़ैसला सिर्फ़ 5 वोटों से हुआ, जो उस साल पूरे राज्य में सबसे कम था।

दूसरी ओर, संघ, सिक्किम में जीत का अंतर 47.6% वोट रहा।

उस साल राज्य में सबसे ज़्यादा लाचेन मंगशिला, सिक्किम में दर्ज हुआ, 85.9%।

पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से गंगटोक, सिक्किम राज्य का सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, मतदाता सूची में 13,303 नाम थे।

पृष्ठभूमि

इस साल के परिणाम की वजह एसडीएफ की अपनी जड़ों में है।

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RBI 2024-25

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