सिक्किम विधान सभा की हर सीट
क्या हुआ
सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट ने विधान सभा की हर एक सीट जीती — अब तक का उसका सबसे मज़बूत परिणाम।
एसडीएफ ने 32 में से सभी 32 सीटें जीतीं।
उसकी सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी, इंडियन नेशनल कांग्रेस, ने 27.6% वोट पाने के बावजूद 0 सीटें जीतीं।
यह हर लिहाज़ से भारी जीत थी — सत्ता में अपने पूरे दौर में पार्टी का सबसे अच्छा परिणाम।
क्या बदला
एसडीएफ के हाथ से बाहर बची आख़िरी सीट भी आख़िरकार उसके पास आ गई।
1 सीट की इस बढ़त से उसकी कुल सीटें पूरी 32 हो गईं।
लगभग 83.8% पंजीकृत मतदाता वोट डालने आए, जो राज्य के लिए एक नया रिकॉर्ड भी था।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे कड़ा मुक़ाबला: संघ, सिक्किम का फ़ैसला सिर्फ़ 55 वोटों से हुआ, जो उस साल पूरे राज्य में सबसे कम (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) था।
दूसरी ओर, नामची-सिंघीथांग, सिक्किम में जीत का अंतर 66.5% वोट रहा।
उस साल राज्य में सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) जोंगू, सिक्किम में दर्ज हुआ, 89.8%।
पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से चुजाचेन, सिक्किम राज्य का सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, मतदाता सूची में 12,944 नाम थे।
पृष्ठभूमि
इससे एसडीएफ की चुनावी जीतों का सिलसिला आगे बढ़ा।
इसके साथ पार्टी लगातार 4 चुनाव जीत चुकी थी।