बर्मियोकविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1979
तिल बहादुर लिंबू (SJP) ने 1979 के विधान सभा चुनाव में 33.2% वोट पाकर बर्मियोक सीट जीती और मनिता प्रधान (SCR) को 269 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 5 रिंचेनपोंग है।
विजेता
13.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तिल बहादुर लिंबू SJP | SJP | 68833.2% |
| 2 | मनिता प्रधान SCR | SCR | 41920.2% |
| 3 | भक्ता बहादुर छेत्री SPC | SPC | 41920.2% |
| 4 | मणि प्रसाद सुब्बा निर्दलीय | निर्दलीय | 30514.7% |
| 5 | नीडुप लेपचा निर्दलीय | निर्दलीय | 1125.4% |
| 6 | मणि राज राय जनता | जनता | 703.4% |
| 7 | देवी प्रसाद गुरुंग निर्दलीय | निर्दलीय | 251.2% |
| 8 | पदम सिंह सुब्बा निर्दलीय | निर्दलीय | 180.9% |
| 9 | जग बहादुर छेत्री निर्दलीय | निर्दलीय | 160.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बर्मियोक से कौन जीता, 1979–2004
इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट SSP ने जीती।