बर्मियोकविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
बीर बाल सुब्बा (SSP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 69.3% वोट पाकर बर्मियोक सीट जीती और राम चन्द्र पौड्याल (RIS) को 1,623 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 5 रिंचेनपोंग है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बीर बाल सुब्बा 42.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बीर बाल सुब्बा SSP | SSP | 2,62469.3% |
| 2 | राम चन्द्र पौड्याल RIS | RIS | 1,00126.4% |
| 3 | जनार्धन लिम्बू DPC | DPC | 832.2% |
| 4 | रण बहादुर सुब्बा | 601.6% | |
| 5 | धान लाल लंबू निर्दलीय | निर्दलीय | 210.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SSP और RIS को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.82 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बर्मियोक से कौन जीता, 1979–2004
SSP ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 43.8% से बढ़कर 69.3% हो गया। मतदान प्रतिशत 1985 के 69.7% से घटकर 69.0% रह गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में यह सीट SDF ने जीती।