बर्मियोकविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
बीरबल सुब्बा (SSP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 43.8% वोट पाकर बर्मियोक सीट जीती और मनिता प्रधान (INC) को 71 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 5 रिंचेनपोंग है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बीरबल सुब्बा 2.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बीरबल सुब्बा SSP | SSP | 1,28743.8% |
| 2 | मनिता प्रधान | 1,21641.4% | |
| 3 | बिरखा बहादुर सुब्बा निर्दलीय | निर्दलीय | 31410.7% |
| 4 | धनलाल सुब्बा निर्दलीय | निर्दलीय | 481.6% |
| 5 | गंगाराम निर्दलीय | निर्दलीय | 411.4% |
| 6 | हरीश चन्द्र SPC | SPC | 120.4% |
| 7 | भक्ता बहादुर छेत्री निर्दलीय | निर्दलीय | 110.4% |
| 8 | मोहन लिम्बू निर्दलीय | निर्दलीय | 100.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SSP, INC और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.67 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बर्मियोक से कौन जीता, 1979–2004
SSP ने यह सीट SJP से छीन ली, जिसने इसे 1979 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1979 के 66.7% से बढ़कर 69.7% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में भी SSP ने यह सीट अपने पास रखी।