टेमी-तारकूविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1979
नर बहादुर खतिवड़ा (SPC) ने 1979 के विधान सभा चुनाव में 37.7% वोट पाकर टेमी-तारकू सीट जीती और हरिकृष्ण शर्मा (SJP) को 307 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 16 तुमेन-लिंगी है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नर बहादुर खतिवड़ा 15.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नर बहादुर खतिवड़ा SPC | SPC | 76237.7% |
| 2 | हरिकृष्ण शर्मा SJP | SJP | 45522.5% |
| 3 | अधिकलाल प्रधान SCR | SCR | 26713.2% |
| 4 | पाद्रीनाथ प्रधान जनता | जनता | 1587.8% |
| 5 | दुर्गा लामा प्रधान निर्दलीय | निर्दलीय | 1567.7% |
| 6 | रापडेन भूटिया निर्दलीय | निर्दलीय | 804.0% |
| 7 | गोपाल राय निर्दलीय | निर्दलीय | 783.9% |
| 8 | शेपेहुंग निर्दलीय | निर्दलीय | 371.8% |
| 9 | इन्द्र बहादुर छेत्री | 301.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 73% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
टेमी-तारकू से कौन जीता, 1979–2004
इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट SSP ने जीती।