टेमी-तारकूविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
आई. बी. राय (SSP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 75.1% वोट पाकर टेमी-तारकू सीट जीती और बद्रीनाथ प्रधान (निर्दलीय) को 2,384 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 16 तुमेन-लिंगी है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — आई. बी. राय 57.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आई. बी. राय SSP | SSP | 3,09175.1% |
| 2 | बद्रीनाथ प्रधान निर्दलीय | निर्दलीय | 70717.2% |
| 3 | नर बहादुर खतिवडा | 1834.5% | |
| 4 | राम प्रसाद ढकाल RIS | RIS | 1353.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SSP और एक निर्दलीय को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.68 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
टेमी-तारकू से कौन जीता, 1979–2004
SSP ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 69.8% से बढ़कर 75.1% हो गया। मतदान प्रतिशत 1985 के 64.0% से बढ़कर 65.7% हो गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में यह सीट SDF ने जीती।