जोरथांग-नयाबाजारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1979
भीम बहादुर गुरुंग (SCR) ने 1979 के विधान सभा चुनाव में 24.1% वोट पाकर जोरथांग-नयाबाजार सीट जीती और लीला कुमार राय (SJP) को 61 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 10 पोकलोक-कामरंग है।
विजेता
जोरथांग-नयाबाजार का फ़ैसला सिर्फ़ 1.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 61 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भीम बहादुर गुरुंग SCR | SCR | 75424.1% |
| 2 | लीला कुमार राय SJP | SJP | 69322.1% |
| 3 | हस्तदास राय SPC | SPC | 59919.1% |
| 4 | नील कमल थापा निर्दलीय | निर्दलीय | 40613.0% |
| 5 | एस.के. राय जनता | जनता | 36911.8% |
| 6 | हुमनाय राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2106.7% |
| 7 | हस्तुदास राय निर्दलीय | निर्दलीय | 672.1% |
| 8 | कालूराम अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 311.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 65% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जोरथांग-नयाबाजार से कौन जीता, 1979–2004
इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट SSP ने जीती।