जोरथांग-नयाबाजारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
केदार नाथ राय (SDF) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 81.7% वोट पाकर जोरथांग-नयाबाजार सीट जीती और पूर्ण क्री राय (INC) को 6,327 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 10 पोकलोक-कामरंग है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — केदार नाथ राय 65.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | केदार नाथ राय | 7,86381.7% | |
| 2 | पूर्ण क्री राय UPA | UPA | 1,53616.0% |
| 3 | पदम प्रसाद शर्मा NDA | NDA | 2242.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SDF को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.44 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जोरथांग-नयाबाजार से कौन जीता, 1979–2004
SDF ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1994 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 55.3% से बढ़कर 81.7% हो गया। 1979 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1999 के 80.3% से घटकर 77.3% रह गया।