जोरथांग-नयाबाजारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
भीम राज राय (SSP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 68.9% वोट पाकर जोरथांग-नयाबाजार सीट जीती और अशरमान राय (INC) को 2,075 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 10 पोकलोक-कामरंग है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — भीम राज राय 54.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भीम राज राय SSP | SSP | 2,64868.9% |
| 2 | अशरमान राय | 57314.9% | |
| 3 | बिरचा राय निर्दलीय | निर्दलीय | 40810.6% |
| 4 | बिष्णु कुमार गजमेर निर्दलीय | निर्दलीय | 1704.4% |
| 5 | बाबूलाल गोयल निर्दलीय | निर्दलीय | 270.7% |
| 6 | दीर्घबीर सुब्बा जनता | जनता | 80.2% |
| 7 | लोचन दास राय वाम दल | वाम दल | 60.2% |
| 8 | प्रकासे पिरथावर निर्दलीय | निर्दलीय | 40.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SSP और INC को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.96 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जोरथांग-नयाबाजार से कौन जीता, 1979–2004
SSP ने यह सीट SCR से छीन ली, जिसने इसे 1979 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1979 के 74.4% से घटकर 69.8% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में भी SSP ने यह सीट अपने पास रखी।