मणिपुर 2022 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
BJP: 32 सीटें (53.3%)NPP: 7 सीटें (11.7%)JD(U): 6 सीटें (10.0%)INC: 5 सीटें (8.3%)NPF: 5 सीटें (8.3%)IND: 3 सीटें (5.0%)KPA: 2 सीटें (3.3%)बहुमत के लिए 3160सरकार बनाने के लिए 31

मणिपुर में अगला चुनाव फ़रवरी–मार्च 2027 में होना है। मणिपुर 2027 चुनाव का अपना अनुमान बनाइए →

चुनाव की कहानी

भाजपा को मणिपुर का सबसे मामूली बहुमत

क्या हुआ

एक पार्टी बाक़ियों से काफ़ी आगे निकल गई और पूरी तरह अपने दम पर बहुमत का आँकड़ा पार कर गई।

भारतीय जनता पार्टी ने 60 सीटों में से 32 सीटें जीतीं।

यह बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से सिर्फ़ 1 सीटें ज़्यादा था, यानी सबसे कम संभव बहुमत।

नेशनल पीपुल्स पार्टी 7 सीटों के साथ काफ़ी पीछे दूसरे नंबर पर रही।

क्या बदला

पिछली बार सीटों की गिनती में आगे रही पार्टी को भारी गिरावट झेलनी पड़ी, और एक दूसरी पार्टी आगे निकल गई।

12 सीटें सीधे इंडियन नेशनल कांग्रेस से भाजपा के पास गईं, जो इस चुनाव का सबसे आम बदलाव था।

भाजपा कुल मिलाकर 21 से बढ़कर 32 सीटों पर पहुँची।

अहम आँकड़े

मतगणना के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ी टक्कर वाबगाई, मणिपुर में हुई, जहाँ सिर्फ़ 50 वोट रहा।

वांगोई, मणिपुर में 94.8% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला, जो उस साल किसी भी सीट पर सबसे ज़्यादा था।

पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से चुराचांदपुर, मणिपुर राज्य का सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, जिसकी मतदाता सूची में 65,338 नाम थे।

पूरे राज्य में 10,349 मतदाताओं ने चुना, यानी कुल डाले गए वोटों का 0.6%।

पृष्ठभूमि

इससे भाजपा को अपने दम पर बहुमत मिला, जो पिछले चुनाव के बाद की उसकी स्थिति से ज़्यादा मज़बूत था।

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RBI 2024-25

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