कोंथौजमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2022
डॉ. सपम रंजन सिंह (BJP) ने 2022 के विधान सभा चुनाव में 47.3% वोट पाकर कोंथौजम सीट जीती और कोंथौजम शरत सिंह (NPP) को 394 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 18 मालोम हियांगहांग थी। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
कोंथौजम का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 394 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. सपम रंजन सिंह NDA | NDA | 13,43247.3% |
| 2 | कोंथौजम शरत सिंह | 13,03845.9% | |
| 3 | लैशराम नंदो सिंह | 8953.1% | |
| 4 | नोंगमैथेम हेरोजित सिंह | 8082.9% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1520.5% |
| 5 | खोइरोम बिनारानी देवी | 750.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
ऊँचा मतदान प्रतिशत (नौवाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मणिपुर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मणिपुर में सबसे ज़्यादा मतदान वाली सीटों में (60 सीटों में ऊपर से नौवाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और NPP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.29 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
मणिपुर की 60 सीटों में ऊपर से 28वाँ
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.31 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
इम्फाल पश्चिम ज़िला · 5.2 लाख लोग · जनगणना 2011
खुरखुल मुगा और खिलौने - लाइफादिबी के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू74.8%
- मुस्लिम4.7%
- ईसाई4.5%
- बौद्ध0.4%
- जैन0.2%
- सिख0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)14.9%
- नहीं बताया0.4%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कोंथौजम से कौन जीता, 1974–2022
BJP ने 2017 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 55.0% से घटकर 47.3% रह गया। मतदान प्रतिशत लगभग 2017 जितना ही रहा: 92.9%।
- 1974हेइग्रुजम थोइथोई (IND), जीत का अंतर 5.5%
- 1980हेमम लोखोन (INC(I)), जीत का अंतर 1.0%
- 1984हेनाम लोखोन सिंह (INC), जीत का अंतर 1.2%
- 1990हेइग्रुजम थोइथोई (MPP), जीत का अंतर 11.8%
- 1995हेनाम लोखोन (INC), जीत का अंतर 0.3%
- 2000हेनाम लोखोन (MSCP), जीत का अंतर 10.7%
- 2002डॉ. थोकचोम मैन्या (DRPP), जीत का अंतर 4.6%
- 2007डॉ. सपम बुधिचंद्र सिंह (INC), जीत का अंतर 0.4%
- 2012कोंथौजम शरत सिंह (AITC), जीत का अंतर 2.2%
- 2017डॉ. सपम रंजन सिंह (BJP), जीत का अंतर 10.7%
- 2022डॉ. सपम रंजन सिंह (BJP), जीत का अंतर 1.4%
मणिपुर में अगला चुनाव फ़रवरी–मार्च 2027 में होना है। मणिपुर 2027 चुनाव का अपना अनुमान बनाइए →