मणिपुर 2000 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
MSCP: 23 सीटें (38.3%)INC: 11 सीटें (18.3%)BJP: 6 सीटें (10.0%)FPM: 6 सीटें (10.0%)NCP: 5 सीटें (8.3%)MPP: 4 सीटें (6.7%)IND: 1 सीट (1.7%)JD(S): 1 सीट (1.7%)अन्य (3 पार्टियाँ): 3 सीटें — JD(U) 1, RJD 1, SAP 1बहुमत के लिए 3160सरकार बनाने के लिए 31
  • MSCP2338.3%
  • INC1118.3%
  • BJP610.0%
  • FPM610.0%
  • NCP58.3%
  • MPP46.7%
  • निर्दलीय11.7%
  • JD(S)11.7%
  • अन्य35.0%
चुनाव की कहानी

मणिपुर की सबसे नई पार्टी ने सत्ता बचाई

क्या हुआ

कोई भी पार्टी बहुमत के क़रीब नहीं पहुँची; यानी विधान सभा।

मणिपुर स्टेट कांग्रेस पार्टी ने 60 में से 23 सीटें जीतीं, जो किसी भी पार्टी से ज़्यादा थीं, लेकिन बहुमत से कम।

इंडियन नेशनल कांग्रेस 11 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही।

क्या बदला

सबसे ज़्यादा सीटों वाली पार्टी पहली बार अपने नाम से चुनाव लड़ रही थी, एक ऐसी विधान सभा में जो कई हिस्सों में बँटी थी।

इसने ख़ुद सिर्फ़ 23 सीटें जीतीं, ऐसे मैदान में जहाँ 11 अलग-अलग दलों ने कम से कम एक-एक सीट जीती।

लगभग 89.0% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला, जो पिछले चुनाव से लगभग उतना ही था।

अहम आँकड़े

मतगणना के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ा मुक़ाबला टिपाईमुख, मणिपुर में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 14 वोट रहा।

केइराओ, मणिपुर में 95.7% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला, जो उस साल किसी भी सीट पर सबसे ज़्यादा था।

सबसे कम चिंगाई, मणिपुर में रहा, जहाँ सिर्फ़ 56.1% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।

मुक़ाबलों में भीड़ थी: हर सीट पर औसतन 6.7 उम्मीदवार थे, पूरे राज्य में कुल 401।

पृष्ठभूमि

मणिपुर की विधान सभा पहले जितनी ही बँटी रही, और कोई भी पार्टी पूरी तरह अपने दम पर सरकार नहीं बना सकी।

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RBI 2024-25

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