मणिपुर 1967 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 16 सीटें (53.3%)IND: 9 सीटें (30.0%)SSP: 4 सीटें (13.3%)CPI: 1 सीट (3.3%)बहुमत के लिए 1630सरकार बनाने के लिए 16
  • INC1653.3%
  • निर्दलीय930.0%
  • SSP413.3%
  • CPI13.3%
चुनाव की कहानी

मणिपुर का पहला चुनाव, बेहद मामूली अंतर से फ़ैसला

क्या हुआ

केंद्र शासित प्रदेश के पहले विधान सभा चुनाव में एक पार्टी ने ठीक उतनी सीटें जीतीं, जितनी अकेले सरकार चलाने के लिए काफ़ी थीं।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 30 सीटों में से 16 सीटें जीतीं।

इससे इसके पास बहुमत के लिए ज़रूरी 16 सीटों से 0 सीटें ज़्यादा हो गईं।

अगला सबसे बड़ा समूह निर्दलीय उम्मीदवारों का था, जिन्होंने मिलकर 9 सीटें जीतीं।

क्या बदला

यह इस इलाक़े की विधायिका का पहला चुनाव था, जब यह अभी केंद्र शासित प्रदेश ही था।

मणिपुर ने उस साल 30 सदस्य चुने।

कांग्रेस ने सिर्फ़ 32.5% के साथ सत्ता हासिल की।

निर्दलीय उम्मीदवारों को कुल मिलाकर इससे ज़्यादा वोट मिले, 48.9%।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अपने आप में ख़ास हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला माओ पूर्व, मणिपुर में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 116 वोट रहा।

दूसरी ओर, सबसे एकतरफ़ा मुक़ाबला उखरूल, मणिपुर में हुआ, जहाँ विजेता 74.0% वोटों से आगे रहा।

सबसे ज़्यादा लिलोंग, मणिपुर में रहा, 83.2%।

सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला हियांगलम सुगनू, मणिपुर में था, जहाँ 9 उम्मीदवार मैदान में थे।

पृष्ठभूमि

मतपत्र पर ख़ूब भीड़ थी, हर सीट पर कई उम्मीदवार थे, लेकिन गिनी-चुनी पार्टियाँ ही कोई सीट जीत पाईं।

सिर्फ़ 4 दल कोई सीट जीत पाए।

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