मणिपुर 2002 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 20 सीटें (33.3%)FPM: 13 सीटें (21.7%)MSCP: 7 सीटें (11.7%)CPI: 5 सीटें (8.3%)BJP: 4 सीटें (6.7%)NCP: 3 सीटें (5.0%)SAP: 3 सीटें (5.0%)DRPP: 2 सीटें (3.3%)अन्य (2 पार्टियाँ): 3 सीटें — MPP 2, MNC 1बहुमत के लिए 3160सरकार बनाने के लिए 31
  • INC2033.3%
  • FPM1321.7%
  • MSCP711.7%
  • CPI58.3%
  • BJP46.7%
  • NCP35.0%
  • SAP35.0%
  • DRPP23.3%
  • अन्य35.0%
चुनाव की कहानी

बिखरे सदन में कांग्रेस आगे

क्या हुआ

परिणाम फिर विधान सभा रहा, लेकिन इस बार सत्ता बदल गई।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 60 में से 20 सीटें जीतीं, जो किसी भी पार्टी से ज़्यादा थीं।

फेडरल पार्टी ऑफ मणिपुर 13 सीटों के साथ उसके बाद रही।

क्या बदला

यह सचमुच सरकार का बदलाव था, सिर्फ़ उसी बिखरे परिणाम का फेरबदल नहीं।

विदा हो रही सरकार की अगुवाई करने वाली मणिपुर स्टेट कांग्रेस पार्टी काफ़ी पीछे रह गई; कांग्रेस 11 सीटों से बढ़कर 20 पर पहुँची।

फिर भी 10 अलग-अलग दलों ने कम से कम एक सीट जीती, और कोई भी अकेली पार्टी सदन पर नियंत्रण नहीं बना पाई।

अहम आँकड़े

मतगणना के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ी टक्कर थंगा, मणिपुर में हुई, जहाँ सिर्फ़ 16 वोट रहा।

तेंगनौपाल, मणिपुर में 98.5% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला, जो उस साल किसी भी सीट पर सबसे ज़्यादा था।

सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला सगोलबंद, मणिपुर में था, जहाँ एक ही सीट के लिए 11 उम्मीदवार मैदान में थे।

पूरे राज्य में हर सीट पर औसतन 6.1 उम्मीदवार मैदान में थे।

पृष्ठभूमि

इस चुनाव से नई सरकार बनी, जो पहले की सरकार से सचमुच अलग थी।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

सभी 60 सीटें