मणिपुर 2012 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 42 सीटें (70.0%)AITC: 7 सीटें (11.7%)MSCP: 5 सीटें (8.3%)NPF: 4 सीटें (6.7%)LJP: 1 सीट (1.7%)NCP: 1 सीट (1.7%)बहुमत के लिए 3160सरकार बनाने के लिए 31
चुनाव की कहानी

कांग्रेस की अब तक की सबसे बड़ी जीत

क्या हुआ

यह एकतरफ़ा जीत थी: इंडियन नेशनल कांग्रेस ने सदन पर पूरा नियंत्रण हासिल किया।

कांग्रेस ने 60 में से 42 सीटें जीतीं, जो अब तक इसका सबसे मज़बूत प्रदर्शन था।

यह बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 11 सीटें ज़्यादा था, यानी सचमुच का भारी बहुमत, सदन के दो-तिहाई से भी ज़्यादा।

क्या बदला

इससे उसी पार्टी की जीत का सिलसिला एक और चुनाव तक बढ़ा, और इस बार बड़े अंतर से।

कांग्रेस अब लगातार 3 चुनाव जीत चुकी थी।

इसकी सीटें 30 से उछलकर 42 हो गईं।

दो दलों, तृणमूल कांग्रेस और एनपीएफ, ने मणिपुर विधान सभा में पहली बार सीटें जीतीं।

अहम आँकड़े

मतगणना के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला हियांगलम, मणिपुर में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 17 वोट रहा।

दूसरे छोर पर, सिंघट, मणिपुर में इस चुनाव का सबसे बड़ा जीत का अंतर रहा, 69.5% वोट।

हेइरोक, मणिपुर में 96.0% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला, जो उस साल किसी भी सीट पर सबसे ज़्यादा था।

सीटों में इतनी बड़ी बढ़त के बावजूद कांग्रेस के सिर्फ़ 42.4% रहा।

पृष्ठभूमि

चुनावों के इस सिलसिले में यह कांग्रेस का सबसे मज़बूत परिणाम था, जिससे राज्य की विधान सभा पर इसकी पकड़ और बढ़ी।

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RBI 2024-25

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