टॉप चिंगथाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
ए. अली (निर्दलीय) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 27.3% वोट पाकर टॉप चिंगथा सीट जीती और पी. पी. सिंह (CPI) को 943 वोटों से हराया।
1967 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 से सीट नंबर 5 वांगखेई है।
विजेता
6.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ए. अली निर्दलीय | निर्दलीय | 3,72627.3% |
| 2 | पी. पी. सिंह वाम दल | वाम दल | 2,78320.4% |
| 3 | एन. एन. सिंह | 2,74520.1% | |
| 4 | के. के. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,53618.6% |
| 5 | जामखोगिन निर्दलीय | निर्दलीय | 7845.7% |
| 6 | एस. बी. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5083.7% |
| 7 | एस. के. सिंह वाम दल | वाम दल | 4443.3% |
| 8 | टी. जी. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1351.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1974 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1974 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।