2024 चुनाव का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
BJP: 240 सीटें (44.2%)INC: 99 सीटें (18.2%)SP: 37 सीटें (6.8%)AITC: 29 सीटें (5.3%)DMK: 22 सीटें (4.1%)TDP: 16 सीटें (2.9%)JD(U): 12 सीटें (2.2%)SHS(UBT): 9 सीटें (1.7%)अन्य (34 पार्टियाँ): 79 सीटें — NCP(SP) 8, IND 7, SHS 7, LJP(RV) 5, CPM 4, RJD 4, YSRCP 4, AAP 3, IUML 3, JMM 3, CPI 2, CPI(ML)L 2, JD(S) 2, JKNC 2, JnP 2, RLD 2, VCK 2, ADS 1, AGP 1, AIMIM 1, AJSUP 1, ASPKR 1, BAP 1, HAM(S) 1, KEC 1, MDMK 1, NCP 1, RLP 1, RSP 1, SAD 1, SKM 1, UPPL 1, VOTPP 1, ZPM 1बहुमत के लिए 272543सरकार बनाने के लिए 272
  • BJP24044.2%
  • INC9918.2%
  • SP376.8%
  • AITC295.3%
  • DMK224.1%
  • TDP162.9%
  • JD(U)122.2%
  • SHS(UBT)91.7%
  • अन्य7914.5%
चुनाव की कहानी

भाजपा को तीसरा कार्यकाल, अपने दम पर बहुमत के बिना

क्या हुआ

भारतीय जनता पार्टी सत्ता में बनी रही, लेकिन इस बार अपने दम पर बहुमत के बिना।

उसने 240 सीटें जीतीं, जो बहुमत के लिए ज़रूरी 272 सीटों के आँकड़े से कम थीं।

इंडियन नेशनल कांग्रेस 21.2% वोट पाकर 99 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।

इसके बजाय 293 सीटों तक पहुँचा, जो बहुमत के आँकड़े से ज़्यादा था।

भाजपा के 36.6% रहा, जो भारत की 'सबसे ज़्यादा वोट पाने वाला जीतेगा' (फ़र्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट) व्यवस्था में 44.2% सीटों में बदल गया।

चुनाव प्रचार

18 जुलाई 2023 को बेंगलुरु में 26 विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को चुनौती देने के लिए एक नए गठबंधन की घोषणा की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसका नाम, इंडिया गठबंधन, घोषित किया।1

15 फ़रवरी 2024 को मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अगुवाई वाले सुप्रीम कोर्ट ने गुमनाम चुनावी बॉन्ड चंदा योजना को रद्द कर दिया और भारतीय स्टेट बैंक को पिछले चंदा देने वालों का ब्योरा चुनाव आयोग को देने का आदेश दिया।2

चुनाव आयोग ने 16 मार्च 2024 को मतदान का कार्यक्रम घोषित किया: 19 अप्रैल से 1 जून तक सात चरण, और 4 जून को मतगणना।3

प्रचार के दौरान, 21 मार्च 2024 को प्रवर्तन निदेशालय ने आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शराब नीति से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ़्तार किया। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें प्रचार के लिए 10 मई से 1 जून तक अंतरिम ज़मानत दी और 2 जून को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया।4

5 अप्रैल 2024 को कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र, न्याय पत्र, जारी किया, जिसमें देश भर में जाति जनगणना और 30 लाख सरकारी नौकरियों का वादा था। 14 अप्रैल 2024 को भाजपा ने अपना घोषणापत्र, संकल्प पत्र, जारी किया, जिसमें समान नागरिक संहिता, "एक देश, एक चुनाव" और 2029 तक 80 करोड़ लोगों को मुफ़्त राशन का वादा था।56

स्रोत
  1. 1 newsonair.gov.in wikipedia.org
  2. 2 tribuneindia.com wikipedia.org
  3. 3 wikipedia.org
  4. 4 wikipedia.org indiatvnews.com
  5. 5 dnaindia.com deccanherald.com
  6. 6 tribuneindia.com businesstoday.in

क्या बदला

भाजपा की जीत जारी रही, हालाँकि पहले से कम सीटों के साथ।

उसने लगातार आम चुनाव जीतने का अपना सिलसिला बढ़ाकर 3 चुनावों तक पहुँचा दिया।

उसकी अपनी सीटें पिछले चुनाव की 303 सीटों से घटकर 240 रह गईं।

सबसे बड़ा बदलाव भाजपा से कांग्रेस की ओर हुआ: देश भर में दूसरी पार्टी के हाथ गई 217 सीटों में से 42 सीटें इसी तरह गईं।

1.2 प्रतिशत अंक घटकर लगभग 66.1% रह गया।

अहम आँकड़े

इस चुनाव का सबसे कड़ा मुक़ाबला मुम्बई उत्तर पश्चिम, महाराष्ट्र में हुआ: विजेता की 48 वोट था।

इस चुनाव में सबसे बड़ा जीत का अंतर इन्दौर, मध्य प्रदेश में रहा, जहाँ विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 75.2% वोट आगे रहा।

सबसे ज़्यादा मतदान प्रतिशत धुबरी, असम में रहा, जहाँ 92.3% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला, जो देश की किसी भी सीट पर सबसे ज़्यादा था।

पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से मल्काजगिरि, तेलंगाना पूरे देश का सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, जिसकी मतदाता सूची में 37,80,453 नाम थे।

किसी भी सीट से ज़्यादा उम्मीदवार करूर, तमिलनाडु में उतरे, कुल 54, और बैलट पर भी था।

देश भर में 63,72,220 मतदाताओं ने नोटा चुना, यानी कुल डाले गए वोटों का 1.0%।

पृष्ठभूमि

संसद ने फ़रवरी 2014 में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम पारित किया, जिससे 2 जून 2014 को राज्य बँटा और तेलंगाना भारत का 29वाँ राज्य बना। 2019 से हर आम चुनाव में तेलंगाना और बचा हुआ आंध्र प्रदेश अलग-अलग मतदान करते आए हैं।7

संसद ने जम्मू और कश्मीर को जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख, दो केंद्र शासित प्रदेशों में बाँट दिया, जो 31 अक्टूबर 2019 से लागू हुआ, और इसके साथ जम्मू और कश्मीर का विशेष संवैधानिक दर्जा ख़त्म हो गया — 2024 का मतदान इस व्यवस्था के तहत हुआ पहला आम चुनाव था।8

सुप्रीम कोर्ट ने वोटिंग मशीन की काग़ज़ी पर्चियों की ज़्यादा जाँच का आदेश भी दिया: 8 अप्रैल 2019 के उसके फ़ैसले से हर विधान सभा क्षेत्र में जाँचे जाने वाले मतदान केंद्रों की संख्या एक से बढ़कर पाँच हो गई।9

स्रोत
  1. 7 wikipedia.org prsindia.org
  2. 8 wikipedia.org indiacode.nic.in
  3. 9 wikipedia.org scobserver.in
वोट मिले, पर कोई सीट नहीं जीती
बहुजन समाज पार्टी2.0%
बीजू जनता दल1.5%
ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम1.4%
जिन सीटों पर मतदान हुआ, वहाँ पड़े कुल वोटों में हर दल का हिस्सा दिखाया गया है। 1% से कम वोट वाले दल नहीं दिखाए गए हैं।

सभी 543 सीटें, राज्य के हिसाब से

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह · 1

उत्तर प्रदेश · 80

कर्नाटक · 28

चंडीगढ़ · 1

जम्मू और कश्मीर · 5

तमिलनाडु · 39

दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव · 2

नागालैंड · 1

पश्चिम बंगाल · 42

पुडुचेरी · 1

बिहार · 40

महाराष्ट्र · 48

मिजोरम · 1

मेघालय · 2

लक्ष्द्वीप · 1

लद्दाख · 1

सिक्किम · 1

हिमाचल प्रदेश · 4