मिज़ोरम 1972 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
IND: 24 सीटें (80.0%)INC: 6 सीटें (20.0%)बहुमत के लिए 1630सरकार बनाने के लिए 16
  • निर्दलीय2480.0%
  • INC620.0%
चुनाव की कहानी

मिज़ोरम के पहले चुनाव में मिज़ो यूनियन की जीत

क्या हुआ

मिज़ोरम का पहला विधान सभा चुनाव मिज़ो यूनियन ने जीता, और च. छुंगा मुख्यमंत्री बने। आधिकारिक परिणामों में उसके उम्मीदवार निर्दलीय दर्ज हैं, इसलिए नीचे के आँकड़े उन्हें निर्दलीय ही गिनते हैं।

निर्दलीय उम्मीदवारों ने 30 में से 24 सीटें जीतीं; किसी भी पैमाने पर यह भारी जीत थी।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी इंडियन नेशनल कांग्रेस सिर्फ़ 6 सीटें जीत सकी।

इससे सदन की 80.0% सीटें निर्दलीयों के पास आईं, जो 16 सीटों के बहुमत के आँकड़े से काफ़ी ऊपर था।

क्या बदला

यह मिज़ोरम का पहला विधान सभा चुनाव था, जिसमें पूरे केंद्र शासित प्रदेश में बड़ी संख्या में उम्मीदवार मैदान में थे।

केंद्र शासित प्रदेश के 30 निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 155 उम्मीदवार मैदान में थे।

केंद्र शासित प्रदेश के सभी 30 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान से फ़ैसला हुआ: उस साल एक भी सीट पर उम्मीदवार निर्विरोध नहीं चुना गया।

अहम आँकड़े

उस पहले चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला दक्षिण वनलाइफाई, मिज़ोरम में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 33 वोट रहा।

दूसरी ओर, इस चुनाव का सबसे बड़ा जीत का अंतर देमागिरी, मिज़ोरम में रहा, जहाँ विजेता 78.6% वोटों से आगे रहा।

त्लुंगवेल, मिज़ोरम में लगभग 81.7% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला, जो उस साल केंद्र शासित प्रदेश की किसी भी सीट पर सबसे ज़्यादा था।

सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला चोंगते, मिज़ोरम में था, जहाँ एक ही सीट के लिए 9 उम्मीदवार मैदान में थे।

पृष्ठभूमि

इलाक़े का एक बड़ा राजनीतिक आंदोलन अब भी प्रतिबंधित था और इस चुनाव में मतपत्र पर मौजूद नहीं था।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

सभी 30 सीटें