भारी जीत के साथ सरकार बदली
क्या हुआ
मिज़ोरम में सत्ता फिर बदली, इस बार ऐसी भारी जीत के साथ कि नई सरकार की पकड़ मज़बूत रही।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 40 सीटों में से 32 सीटें जीतीं।
सत्ता से बाहर हो रही मिजो नेशनल फ्रंट सिर्फ़ 3 सीटों पर सिमट गई।
यह राज्य में तब तक पार्टी का सबसे अच्छा प्रदर्शन था।
क्या बदला
बदलाव कितना बड़ा था, यह अकेले सीटों की गिनती से साफ़ दिखता है।
कांग्रेस की अपनी सीटें 12 से बढ़कर 32 हो गईं।
यानी एक ही चुनाव में 20 सीटों की बढ़त।
(पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) भी बढ़ा: लगभग 82.2% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला, जो तब तक राज्य में दर्ज सबसे ऊँचा स्तर था।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे कड़ा मुक़ाबला: आइजोल दक्षिण I, मिज़ोरम का फ़ैसला सिर्फ़ 28 वोटों से हुआ, जो उस साल पूरे राज्य में सबसे कम (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) था।
दूसरी ओर, हाछेक, मिज़ोरम में जीत का अंतर 19.5% वोट रहा।
राज्य में सबसे ज़्यादा पंजीकृत मतदाता तुईचोंग, मिज़ोरम में थे, कुल 22,089।
राज्य में सबसे ज़्यादा उम्मीदवार ममित, मिज़ोरम में उतरे, कुल 11।
पृष्ठभूमि
इससे राज्य के शुरुआती वर्षों से चला आ रहा सिलसिला आगे बढ़ा, जिसमें सत्ता उन्हीं प्रतिद्वंद्वी पार्टियों के बीच आती-जाती रही।