मिज़ोरम 2018 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
MNF: 27 सीटें (67.5%)IND: 8 सीटें (20.0%)INC: 4 सीटें (10.0%)BJP: 1 सीट (2.5%)बहुमत के लिए 2140सरकार बनाने के लिए 21
  • MNF2767.5%
  • निर्दलीय820.0%
  • INC410.0%
  • BJP12.5%
चुनाव की कहानी

मिजो नेशनल फ्रंट की वापसी

क्या हुआ

मिजो नेशनल फ्रंट भारी जीत के साथ मिज़ोरम की सत्ता में लौटा और पिछली इंडियन नेशनल कांग्रेस सरकार की जगह ली।

उसने 40 सीटों में से 27 सीटें जीतीं।

यह 21 सीटों के बहुमत के आँकड़े से 6 सीटें ज़्यादा था।

निर्दलीय के उम्मीदवार 23.0% वोट के साथ 8 सीटें जीतकर उसके बाद रहे।

ख़ुद एमएनएफ को 37.7% वोट मिले, जो 67.5% सीटों में बदल गए।

चुनाव प्रचार

भारत निर्वाचन आयोग ने 6 अक्टूबर 2018 को मिज़ोरम विधान सभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया: 28 नवंबर को एक ही चरण में मतदान और 11 दिसंबर को मतगणना।1

चुनाव से पहले मिज़ोरम में इंडियन नेशनल कांग्रेस के चार वरिष्ठ नेता, जिनमें पिछली विधान सभा के अध्यक्ष भी थे, भारतीय जनता पार्टी में चले गए। यह ख़बर मतदान से कुछ हफ़्ते पहले, अक्टूबर के बीच में आई।2

छह क्षेत्रीय दलों के नए जोरम पीपुल्स मुवमेंट ने फ्रंट और कांग्रेस के ख़िलाफ़ तीसरे मोर्चे के रूप में 40 में से 36 सीटों पर चुनाव लड़ा और अपने पहले ही चुनाव में 8 सीटें जीतीं।3

स्रोत
  1. 1 wikipedia.org
  2. 2 wikipedia.org
  3. 3 wikipedia.org

क्या बदला

मिज़ोरम में सरकार बदल गई, और एमएनएफ भारी जीत के साथ सत्ता में लौटा।

लगातार 2 चुनावों से सरकार चला रही कांग्रेस बुरी तरह लुढ़क गई।

ख़ुद एमएनएफ की सीटें 5 से बढ़कर 27 हो गईं।

विजेता पार्टी के 9.1 प्रतिशत अंक बढ़कर 37.7% हो गया।

40 निर्वाचन क्षेत्रों में से 33 में सीट दूसरी पार्टी के पास चली गई।

इनमें से 24 सीटें अकेले कांग्रेस से एमएनएफ के पास गईं।

अहम आँकड़े

राज्य में सबसे कड़ा मुक़ाबला तुईवोल, मिज़ोरम में हुआ, जहाँ 3 वोट रहा।

पश्चिम तुईपुई, मिज़ोरम में इस चुनाव का सबसे बड़ा जीत का अंतर रहा, 18.4% वोट।

राज्य में सबसे ज़्यादा उम्मीदवार हाछेक, मिज़ोरम में उतरे, कुल 8।

पूरे राज्य में को 2,917 वोट मिले, यानी कुल वोटों का लगभग 0.5%।

अपना पहला चुनाव लड़ रहे नए गठबंधन जोरम पीपुल्स मुवमेंट ने 8 सीटें जीतीं।3

स्रोत
  1. 3 wikipedia.org

पृष्ठभूमि

मिजो नेशनल फ्रंट ने 30 जून 1986 को भारत सरकार के साथ मिज़ोरम शांति समझौते पर दस्तख़त किए, जिससे पूर्ण राज्य के दर्जे के बदले उग्रवाद ख़त्म हुआ। मिज़ोरम 20 फ़रवरी 1987 को 40 सदस्यों वाली विधान सभा के साथ भारत का 23वाँ राज्य बना, और लालडेंगा उसके पहले मुख्यमंत्री बने।4

उस पहली सरकार का नेतृत्व भी एमएनएफ ने ही किया था।

स्रोत
  1. 4 wikipedia.org

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RBI 2024-25

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