साइरंगविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
एन. जी. वरदावला (निर्दलीय) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 40.5% वोट पाकर साइरंग सीट जीती और बी. चौंक थुआमा (INC) को 142 वोटों से हराया।
1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 28 आइजोल पूर्व है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। एन. जी. वरदावला 4.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एन. जी. वरदावला निर्दलीय | निर्दलीय | 1,35740.5% |
| 2 | बी. चौंक थुआमा कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 1,21536.3% |
| 3 | सखावलियाना निर्दलीय | निर्दलीय | 43913.1% |
| 4 | जे. एफ़. मनलियाना निर्दलीय | निर्दलीय | 2206.6% |
| 5 | लियानसंगा | 1163.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।