कांग्रेस की जीत का सिलसिला जारी
क्या हुआ
कांग्रेस फिर जीती, पहले से भी ज़्यादा सीटों के साथ।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 60 सीटों में से 43 सीटें जीतीं, हर लिहाज़ से यह एकतरफ़ा जीत थी।
यह बहुमत के लिए ज़रूरी 31 सीटों के आँकड़े से 12 सीटें ज़्यादा था।
उसकी सबसे नज़दीकी प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय उम्मीदवारों का एक गुट था, जिन्होंने मिलकर 12 सीटें जीतीं।
क्या बदला
इससे उसी पार्टी की लगातार जीत का सिलसिला आगे बढ़ा, जो अब कई चुनावों से चल रहा था।
कांग्रेस अब राज्य में लगातार 3 चुनाव जीत चुकी है।
(पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) भी बढ़ा, पिछले चुनाव से 11.3 प्रतिशत अंक ज़्यादा।
यह उस समय तक राज्य के अपने इतिहास का सबसे ऊँचा मतदान प्रतिशत था।
अहम आँकड़े
चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे कड़ा मुक़ाबला खोंसा पूर्व, अरुणाचल प्रदेश में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 29 वोट रहा।
दूसरी ओर, टुटिंग-यिंगकियोंग, अरुणाचल प्रदेश में मतगणना का सबसे बड़ा जीत का अंतर रहा, जहाँ विजेता 60.6% वोटों से आगे रहा।
सबसे ज़्यादा मतदान प्रतिशत लुमला, अरुणाचल प्रदेश में रहा, 92.7%।
राज्य भर में उसके (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) आधे का आँकड़ा पार करके 50.5% रहा।
पृष्ठभूमि
इस समय तक राज्य की राजनीति एक साफ़ ढर्रे पर आ चुकी थी।
अब तक एक ही पार्टी लगातार 3 चुनावों से अरुणाचल प्रदेश की अगुवाई कर रही थी।