केंद्र शासित प्रदेश का पहला मतदान
क्या हुआ
यह इस केंद्र शासित प्रदेश की अपनी विधान सभा का पहला प्रत्यक्ष चुनाव था, और जनता पार्टी आगे रही।
जनता पार्टी ने कुल 30 सीटों में से 17 सीटें जीतीं।
इससे उसके पास बहुमत के लिए ज़रूरी 16 सीटों के आँकड़े से 1 सीटें ज़्यादा थीं।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी पीपुल्स पार्टी ऑफ अरूणाचल ने 8 सीटें जीतीं।
क्या बदला
इस पहले मुक़ाबले में केंद्र शासित प्रदेश के निर्वाचन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में उम्मीदवार उतरे।
केंद्र शासित प्रदेश के 30 निर्वाचन क्षेत्रों में 86 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा।
कुल 3 दलों ने सीटें जीतीं, और 5 और सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के हिस्से गईं।
कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में सिर्फ़ एक उम्मीदवार खड़ा हुआ, इसलिए वहाँ बिना मतदान के ही फ़ैसला हो गया — यानी निर्विरोध जीत, जहाँ विजेता तय करने के लिए मतदान की ज़रूरत नहीं पड़ी।
केंद्र शासित प्रदेश के 30 निर्वाचन क्षेत्रों में से 2 का फ़ैसला इसी तरह हुआ।
अहम आँकड़े
उस पहले चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला टकसिंग तलिहा, अरुणाचल प्रदेश में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 132 वोट रहा।
दूसरी ओर, न्यापिन पालिन, अरुणाचल प्रदेश में मतगणना का सबसे बड़ा जीत का अंतर रहा, जहाँ विजेता 59.7% वोटों से आगे रहा।
सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) बासर, अरुणाचल प्रदेश में रहा, 87.3%।
यह सबसे कम पोंगचाउ वक्का, अरुणाचल प्रदेश में रहा, जहाँ सिर्फ़ 29.0% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।
पृष्ठभूमि
यह चुनाव एक नई, सीधे चुनी जाने वाली विधान सभा के गठन के बाद हुआ।
अरुणाचल प्रदेश ने इस व्यवस्था के तहत पहली बार अपने सदस्य चुने।