अरुणाचल प्रदेश 1980 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC(I): 13 सीटें (43.3%)PPA: 13 सीटें (43.3%)IND: 4 सीटें (13.3%)बहुमत के लिए 1630सरकार बनाने के लिए 16
  • INC(I)1343.3%
  • PPA1343.3%
  • निर्दलीय413.3%
चुनाव की कहानी

त्रिशंकु सदन

क्या हुआ

इस विधान सभा चुनाव में विधान सभा बनी।

इंडियन नेशनल कांग्रेस (इंदिरा) थोड़े अंतर से आगे निकली और कुल 30 सीटों में से 13 सीटें जीतीं।

उसकी सबसे नज़दीकी प्रतिद्वंद्वी, पीपुल्स पार्टी ऑफ अरूणाचल, ठीक बराबर रही; उसने भी 13 सीटें जीतीं।

दोनों में से कोई भी अकेले सरकार बनाने के लिए ज़रूरी 16 सीटों के आँकड़े तक नहीं पहुँची।

क्या बदला

पिछले चुनाव की विजेता पार्टी सत्ता में नहीं लौटी, और नई विधान सभा तीन हिस्सों में बँट गई।

कुल 3 दलों ने सीटें जीतीं, और 4 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों को मिलीं।

इंडियन नेशनल कांग्रेस (इंदिरा) इस केंद्र शासित प्रदेश में अपना पहला चुनाव लड़ रही थी, फिर भी उसने पीपुल्स पार्टी ऑफ अरूणाचल के बराबर सीटें जीतीं।

अहम आँकड़े

इस कड़े चुनाव के कुछ आँकड़े ख़ास हैं।

सबसे कड़ा मुक़ाबला तवांग II, अरुणाचल प्रदेश में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 14 वोट रहा।

दूसरी ओर, तेजू हायुलियांग, अरुणाचल प्रदेश में सबसे एकतरफ़ा मुक़ाबला हुआ, जहाँ विजेता 48.2% वोटों से आगे रहा।

सबसे ज़्यादा बासर, अरुणाचल प्रदेश में रहा, 84.4%।

सबसे भरा हुआ बैलट जीरो, अरुणाचल प्रदेश में था, जहाँ इस सीट के लिए 7 उम्मीदवार मैदान में थे।

पृष्ठभूमि

यह चुनाव भी उसी मूल विधान सभा व्यवस्था के तहत हुआ, जिसके तहत पिछला चुनाव हुआ था।

अरुणाचल प्रदेश के सदन में 30 सीटें ही रहीं।

यह पिछले चुनाव की 30 सीटों के बराबर था।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

सभी 30 सीटें