कांग्रेस की अब तक की सबसे बड़ी जीत
क्या हुआ
कांग्रेस ने अरुणाचल प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा बहुमत हासिल किया, और सत्ता में उसका पहले से लंबा दौर और आगे बढ़ा।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 60 सीटों में से 53 सीटें हासिल कीं।
यह 31 सीटों के बहुमत के आँकड़े से 22 सीटें ज़्यादा था — इतना सुरक्षित अंतर कि इसे भारी जीत कहा जा सके।
उसकी सबसे नज़दीकी प्रतिद्वंद्वी, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी, सिर्फ़ 4 सीटें ही जीत पाई।
क्या बदला
इस परिणाम से राज्य में कांग्रेस ने नया रिकॉर्ड बनाया; उसे वहाँ पहले कभी इतनी सीटें नहीं मिली थीं।
वह पिछले चुनाव की 43 सीटों से बढ़कर इस बार 53 सीटों पर पहुँची।
पार्टी अब राज्य में लगातार 4 चुनाव जीत चुकी है।
राकांपा उस साल पहली बार विधान सभा में पहुँची, और तुरंत 4 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे कड़ा मुक़ाबला बोरदुरिया-बोगापानी, अरुणाचल प्रदेश में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 13 वोट रहा।
दूसरी ओर, कोलोरियांग, अरुणाचल प्रदेश सबसे एकतरफ़ा मुक़ाबला रहा, जहाँ जीत का अंतर कुल वोटों का 95.3% था।
इस चुनाव में सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) लुमला, अरुणाचल प्रदेश में दर्ज हुआ, 90.0%।
ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र भी था, जिसकी सूची में 38,807 नाम थे, और सबसे ज़्यादा उम्मीदवारों वाला भी, जहाँ 7 उम्मीदवार उतरे।
पृष्ठभूमि
यह चुनाव राज्य में कांग्रेस के भीतर हुई टूट के बाद हुआ।