अरुणाचल प्रदेश 2019 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
BJP: 41 सीटें (68.3%)JD(U): 7 सीटें (11.7%)NPP: 5 सीटें (8.3%)INC: 4 सीटें (6.7%)IND: 2 सीटें (3.3%)PPA: 1 सीट (1.7%)बहुमत के लिए 3160सरकार बनाने के लिए 31
  • BJP4168.3%
  • JD(U)711.7%
  • NPP58.3%
  • INC46.7%
  • निर्दलीय23.3%
  • PPA11.7%
चुनाव की कहानी

भाजपा को पहला जनादेश

क्या हुआ

कई साल में पहली बार अरुणाचल प्रदेश पर इंडियन नेशनल कांग्रेस की पकड़ ख़त्म हुई, और भारतीय जनता पार्टी ने भारी जीत हासिल की।

भाजपा ने 60 में से 41 सीटें जीतीं, जो भारी बहुमत के लिए काफ़ी थीं।

जनता दल (यूनायटेड) 7 सीटों के साथ काफ़ी पीछे दूसरे स्थान पर रही।

क्या बदला

चुनावों के इस सिलसिले में पहली बार सत्ता दलबदल से नहीं, बल्कि मतदान से बदली।

भाजपा पिछले चुनाव की सिर्फ़ 11 सीटों से बढ़कर इस बार 41 सीटों पर पहुँची।

30 सीटें — आधी विधान सभा — कांग्रेस से भाजपा के पास चली गईं; लंबे समय तक राज्य पर शासन करने वाली पार्टी ढह गई।

दो दलों, जदयू और एनपीपी, ने अरुणाचल प्रदेश में पहली बार सीटें जीतीं।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ा मुक़ाबला: सेप्पा पूर्व, अरुणाचल प्रदेश का फ़ैसला सिर्फ़ 29 वोटों से हुआ, जो साल का सबसे कम था।

दूसरी ओर, थ्रिजिनो-बुरागांव, अरुणाचल प्रदेश में जीत 67.7% वोटों के अंतर से हुई।

इस चुनाव का सबसे अच्छा मरियांग-गेकू, अरुणाचल प्रदेश में रहा, 94.3%।

उस साल किसी भी सीट पर सबसे ज़्यादा उम्मीदवार बोरदुमसा-दियुन, अरुणाचल प्रदेश में थे, कुल 10।

पृष्ठभूमि

इस चुनाव को जीतने वाली पार्टी दलबदल की एक पिछली लहर के बाद से ही राज्य में सरकार चला रही थी।

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