अरुणाचल प्रदेश 2014 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 42 सीटें (70.0%)BJP: 11 सीटें (18.3%)PPA: 5 सीटें (8.3%)IND: 2 सीटें (3.3%)बहुमत के लिए 3160सरकार बनाने के लिए 31
  • INC4270.0%
  • BJP1118.3%
  • PPA58.3%
  • निर्दलीय23.3%
चुनाव की कहानी

कांग्रेस का अब तक का सबसे लंबा दौर

क्या हुआ

कांग्रेस अरुणाचल प्रदेश में सत्ता में बनी रही, और लगभग वही दोहराया जो उसने पिछले चुनाव में किया था।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 60 में से 42 सीटें जीतीं, बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 11 ज़्यादा।

भारतीय जनता पार्टी 11 सीटों के साथ काफ़ी पीछे दूसरे स्थान पर रही।

क्या बदला

कांग्रेस ने राज्य में अपना अब तक का सबसे लंबा अटूट दौर आगे बढ़ाया, जबकि एक नए प्रतिद्वंद्वी ने असली बढ़त बनाई।

पार्टी अब राज्य में लगातार 7 चुनाव जीत चुकी है।

उसकी अपनी सीटों में बहुत मामूली बदलाव हुआ: 42 सीटों से इस बार 42।

फिर भी दूसरे स्थान पर रही पार्टी के बढ़कर 31.0% हो गया।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ा मुक़ाबला: मरियांग-गेकू, अरुणाचल प्रदेश का फ़ैसला सिर्फ़ 9 वोटों से हुआ, जो साल का सबसे कम था।

दूसरी ओर, तवांग, अरुणाचल प्रदेश में जीत 63.5% वोटों के अंतर से हुई।

इस चुनाव का सबसे अच्छा चांगलांग दक्षिण, अरुणाचल प्रदेश में रहा, 92.6%।

ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से राज्य का सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र भी था, जिसकी सूची में 61,245 नाम थे, और सबसे ज़्यादा उम्मीदवारों वाला भी, जहाँ 5 उम्मीदवार उतरे।

पृष्ठभूमि

इस समय तक राज्य की विधान सभा में एक पार्टी का शासन लंबे समय से आम बात बन चुका था।

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RBI 2024-25

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