कम अंतर से जीत, नया प्रतिद्वंद्वी
क्या हुआ
मेघालय के विधान सभा चुनाव में कांग्रेस फिर सबसे आगे रही, हालाँकि पिछली बार से कम सीटें जीतकर।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 60 सीटों में से 22 सीटें जीतीं।
उसके (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) 30.0% रहा।
इसके बाद नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी 14 सीटों के साथ रही।
क्या बदला
कांग्रेस एक और चुनाव में मेघालय विधान सभा की सबसे बड़ी पार्टी बनी रही।
एक नई बनी पार्टी तेज़ी से दूसरे स्थान पर पहुँच गई।
इस बार उसने 22 सीटें जीतीं, जबकि पिछले चुनाव में 25 जीती थीं।
पूरे राज्य में 9 सीटें कांग्रेस से राकांपा के पास चली गईं।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे कड़ी टक्कर पारियोंग, मेघालय में हुई, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 29 वोट रहा।
दूसरी ओर, पिंथोरुमख्रा, मेघालय में सबसे एकतरफ़ा मुक़ाबला हुआ, जहाँ विजेता 46.4% वोटों से आगे रहा।
सबसे कम (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) लाइटुमख्रा, मेघालय में रहा, सिर्फ़ 45.5%।
उस साल सबसे ज़्यादा मतदाता तुरा, मेघालय में थे, मतदाता सूची में 41,142 नाम थे।
पृष्ठभूमि
तब तक मेघालय के किसी भी चुनाव में किसी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिला था, और सरकारें चुनाव के बाद की सौदेबाज़ी से बनती थीं।