मेघालय 1998 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 25 सीटें (41.7%)UDP: 20 सीटें (33.3%)IND: 5 सीटें (8.3%)BJP: 3 सीटें (5.0%)HPDP: 3 सीटें (5.0%)PDM: 3 सीटें (5.0%)GNC: 1 सीट (1.7%)बहुमत के लिए 3160सरकार बनाने के लिए 31
  • INC2541.7%
  • UDP2033.3%
  • निर्दलीय58.3%
  • BJP35.0%
  • HPDP35.0%
  • PDM35.0%
  • GNC11.7%
चुनाव की कहानी

जाना-पहचाना अगुवा, बहुमत नहीं

क्या हुआ

मेघालय के विधान सभा चुनाव में कांग्रेस एक बार फिर सबसे आगे रही, उस राज्य में जहाँ कोई भी अकेली पार्टी अपने दम पर सरकार नहीं बना पाई है।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने सबसे ज़्यादा सीटें जीतीं, 60 में से 25, लेकिन बहुमत से पीछे रह गई।

इसके बाद यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी 20 सीटों के साथ रही।

क्या बदला

इससे मेघालय विधान सभा का एक पुराना रुझान आगे बढ़ा, जिसमें कांग्रेस सीटों की गिनती में बार-बार आगे रहती है पर कभी अकेले सरकार नहीं बनाती।

शीर्ष पर इसका सिलसिला अब लगातार 5 चुनावों तक पहुँच गया है।

कई दलों ने, जिनमें यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी, पीपुल्स डेमोक्रेटिक मूवमेंट, हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और भाजपा शामिल थे, राज्य के चुनावी रिकॉर्ड में पहली बार विधान सभा सीटें जीतीं।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ी टक्कर सोहरिंगखम, मेघालय में हुई, जहाँ सिर्फ़ 10 वोट रहा।

सबसे ज़्यादा रिम्बाई, मेघालय में रहा, 87.7%।

उस साल सबसे ज़्यादा मतदाता तुरा, मेघालय में थे, मतदाता सूची में 37,925 नाम थे।

सबसे भरा हुआ बैलट नोंगक्रेम, मेघालय में था, जहाँ इस सीट के लिए 14 उम्मीदवार मैदान में थे।

पृष्ठभूमि

छोटी क्षेत्रीय और राष्ट्रीय पार्टियों के मेल के कारण तब तक मेघालय की राजनीति में बनाना एक स्थायी बात बन चुका था।

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