फुलबाड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
अबू ताहेर मंडल (निर्दलीय) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 20.6% वोट पाकर फुलबाड़ी सीट जीती और मनिरुल इस्लाम सरकार (निर्दलीय) को 204 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 48 टिकरीकिला थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 48 सेलसेला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
फुलबाड़ी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 204 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अबू ताहेर मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 3,59720.6% |
| 2 | मनिरुल इस्लाम सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 3,39319.5% |
| 3 | परिमल राभा NDA | NDA | 2,98317.1% |
| 4 | एपर्सन जी. मोमिन UDP | UDP | 2,63515.1% |
| 5 | अब्दुल बारी सरकार | 2,28313.1% | |
| 6 | सोफियार आर. हज़ारिका निर्दलीय | निर्दलीय | 2,05511.8% |
| 7 | अनिंद्रा च. राभा GNC | GNC | 2141.2% |
| 8 | मो. लुत्फ़ोर प्रधानी | 1570.9% | |
| 9 | आयनाल हक हज़ारिका निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 57% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फुलबाड़ी से कौन जीता, 1978–2008
1993 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 87.1% से घटकर 80.9% रह गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978अक्रमोज़्ज़मान (INC), जीत का अंतर 0.2%
- 1983परिमल राभा (AHL), जीत का अंतर 3.4%
- 1988परिमल राभा (HPU), जीत का अंतर 10.7%
- 1993मनिरुल इस्लाम सरकार (IND), जीत का अंतर 5.1%
- 1998अबू ताहेर मंडल (IND), जीत का अंतर 1.2%
- 2003श्री मनिरुल इस्लाम सरकार (INC), जीत का अंतर 8.2%
- 2008अबू ताहेर मंडल (IND), जीत का अंतर 10.4%