अम्पातीगिरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
डॉ. मुकुल संगमा (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 41.0% वोट पाकर अम्पातीगिरी सीट जीती और श्री एरिल संगमा (NCP) को 2,139 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 58 खेरापारा थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 58 रोंगरा सिजू है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. मुकुल संगमा | 7,08041.0% | |
| 2 | श्री एरिल संगमा | 4,94128.6% | |
| 3 | श्री अमिय कु. हाजोंग NDA | NDA | 3,71021.5% |
| 4 | श्री मोनेंद्रो अगितोक निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1106.4% |
| 5 | श्री रूपार्थ अरेंग | 2271.3% | |
| 6 | श्री मोनेंद्रो मारक निर्दलीय | निर्दलीय | 2031.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अम्पातीगिरी से कौन जीता, 1978–2008
INC ने 1998 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 57.9% से घटकर 41.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 1998 के 80.3% से घटकर 77.2% रह गया। इसके बाद 2008 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।