सत्ता में पहले से मौजूद पार्टी की बड़ी जीत

अरुणाचल प्रदेश विधान सभा का नक्शा लोड हो रहा है…

चुनाव की कहानी

क्या हुआ

भारतीय जनता पार्टी अरुणाचल प्रदेश में सत्ता में बनी रही और लगातार दूसरा कार्यकाल जीता।

उसने 60 सीटों में से 46 सीटें जीतीं, जो बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 15 ज़्यादा थीं।

इसके बाद नेशनल पीपुल्स पार्टी 5 सीटों के साथ रही।

बढ़कर 86.9% हो गया, जो राज्य के अपने चुनावी इतिहास में सबसे ऊँचा दर्ज हुआ।

क्या बदला

सबसे साफ़ बदलाव जनता दल (यूनायटेड) से भाजपा की ओर रहा।

6 सीटें जदयू से भाजपा के पास गईं, जो उस साल किन्हीं भी दो दलों के बीच सबसे ज़्यादा था।

इससे उसकी सीटें पिछले चुनाव से 5 बढ़ गईं।

अहम आँकड़े

सबसे क़रीबी मुक़ाबला नामसांग, अरुणाचल प्रदेश में हुआ, जिसका फ़ैसला 56 वोटों से हुआ।

सबसे एकतरफ़ा परिणाम कोलोरियांग, अरुणाचल प्रदेश में आया, जहाँ 82.1% वोट रहा।

किसी भी सीट पर सबसे कम मतदान प्रतिशत सेप्पा पूर्व, अरुणाचल प्रदेश में दर्ज हुआ, 74.4%।

उस साल 10 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध जीते, यानी वहाँ सिर्फ़ एक उम्मीदवार खड़ा था और फ़ैसले के लिए मतदान की ज़रूरत नहीं पड़ी।

पृष्ठभूमि

16 सितंबर 2016 को मुख्यमंत्री पेमा खांडू और 43 विधायक कांग्रेस छोड़कर पीपुल्स पार्टी ऑफ अरूणाचल में चले गए, जिसका उसी दिसंबर भाजपा में विलय हो गया — इसी बदलाव से पार्टी पहली बार राज्य विधान सभा में सत्ता में आई।1

स्रोत
  1. 1 wikipedia.org