तमिलनाडु 1971 का नक्शा लोड हो रहा है…

पार्टी के हिसाब से सीटें
DMK: 184 सीटें (78.6%)NCO: 15 सीटें (6.4%)CPI: 8 सीटें (3.4%)IND: 8 सीटें (3.4%)FBL: 7 सीटें (3.0%)SWA: 6 सीटें (2.6%)PSP: 4 सीटें (1.7%)MUL: 2 सीटें (0.9%)बहुमत के लिए 118234सरकार बनाने के लिए 118
  • DMK18478.6%
  • NCO156.4%
  • CPI83.4%
  • निर्दलीय83.4%
  • FBL73.0%
  • SWA62.6%
  • PSP41.7%
  • MUL20.9%
चुनाव की कहानी

द्रमुक की भारी जीत से रिकॉर्ड की शुरुआत

क्या हुआ

इस चुनाव में एक पार्टी ने भारी जीत हासिल की; इस रिकॉर्ड में शामिल तमिलनाडु का यह सबसे पहला परिणाम है।

द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम ने विधान सभा की 234 में से 184 सीटें जीतीं — अपने दम पर भारी बहुमत।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी इंडियन नेशनल कांग्रेस (संगठन) 15 सीटों के साथ बहुत पीछे रही।

क्या बदला

इस रिकॉर्ड में तमिलनाडु का इससे पहले का कोई परिणाम नहीं है, जिससे इस चुनाव की तुलना की जा सके।

गठबंधन ने कुल 192 सीटें जीतीं।

लगभग 68.3% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।

अहम आँकड़े

चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला शंकरापुरम, तमिलनाडु में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 72 वोट रहा।

दूसरी ओर, सबसे बड़ा जीत का अंतर उसिलमपट्टी, तमिलनाडु में रहा, जहाँ विजेता 48.9% वोटों से आगे रहा।

सबसे ज़्यादा आलंगुडी, तमिलनाडु में रहा, जहाँ 84.0% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।

सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला चिंगलपुट, तमिलनाडु में था, जहाँ 8 उम्मीदवार मैदान में थे।

पृष्ठभूमि

नई विधान सभा में दलों और निर्दलीयों, दोनों को जगह मिली।

8 दलों ने कम से कम एक सीट जीती, साथ में 8 निर्दलीय भी जीते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

सभी 234 सीटें