दूसरी जीत, एक सहयोगी दल के साथ
क्या हुआ
ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम ने लगातार दूसरा चुनाव जीता।
ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम ने कुल 234 सीटों में से 129 सीटें जीतीं।
इससे उसके पास बहुमत के आँकड़े से 11 सीटें ज़्यादा थीं।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम ने 37 सीटें जीतीं।
क्या बदला
जीतने वाली पार्टी लगातार दूसरे चुनाव में सत्ता में लौटी।
अब वह लगातार 2 चुनाव जीत चुकी थी।
इस बार उसने एक (दलों का ऐसा समूह जो मिलकर चुनाव लड़ता है, और सब मिलाकर काफ़ी सीटें जीतने पर सत्ता में साझेदारी करता है) के हिस्से के रूप में चुनाव लड़ा, जिसने कुल 160 सीटें जीतीं — बहुमत से काफ़ी ज़्यादा।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला इलैयांगुडी, तमिलनाडु में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 56 वोट रहा।
दूसरी ओर, आंडिपट्टी, तमिलनाडु में जीत 37.6% वोटों के अंतर से हुई।
सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) पेरावूरणी, तमिलनाडु में रहा, जहाँ यह 83.2% तक पहुँचा।
सबसे ज़्यादा मतदाता विल्लिवाक्कम, तमिलनाडु में थे, जहाँ 1,91,966 लोग वोट डालने के लिए पंजीकृत थे।
पृष्ठभूमि
राज्य की विधान सभा राजनीति में मुक़ाबला लगभग पूरी तरह उसके दो प्रमुख द्रविड़ दलों के बीच ही बना रहा।