नई पार्टी की पहली जीत
क्या हुआ
एक नई बनी पार्टी ने तमिलनाडु में अपना पहला चुनाव भारी अंतर से जीता, और राज्य में सरकार चला रही पार्टी को हराया।
ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम ने कुल 234 सीटों में से 130 सीटें जीतीं, यह एकतरफ़ा जीत थी।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम 48 सीटों पर सिमट गई; यह वही पार्टी थी जिसकी जगह उसने अभी-अभी सरकार बनाई थी।
क्या बदला
इस चुनाव में जीतने वाली पार्टी राज्य के पिछले विधान सभा चुनाव के समय मौजूद ही नहीं थी।
वह 0 सीटों से 130 सीटों पर पहुँची — इतनी नई पार्टी के लिए पहली बार बहुमत।
लगभग 60.8% पंजीकृत मतदाता वोट डालने आए, जो पिछले चुनाव के मुक़ाबले 7.5 प्रतिशत अंक की गिरावट थी।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे करीबी मुक़ाबला तारमंगलम, तमिलनाडु में रहा, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 19 था।
दूसरी ओर, किल्लियूर, तमिलनाडु में जीत 60.0% वोटों के अंतर से हुई।
सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) वेदारण्यम, तमिलनाडु में रहा, जहाँ 82.1% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।
सबसे ज़्यादा मतदाता पुरसैवाक्कम, तमिलनाडु में थे, जहाँ 2,03,098 लोग वोट देने के लिए पंजीकृत थे।
पृष्ठभूमि
यहीं से तमिलनाडु के दो बड़े द्रविड़ दलों के बीच लंबी होड़ की शुरुआत हुई।